महात्मा गांधी नरेगा योजना में नई पहल : पारदर्शिता के लिए ग्राम पंचायतों में लगाए गए QR कोड
खैरागढ़. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए शासन लगातार नए कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड खैरागढ़ की सभी 114 ग्राम पंचायतों में अब QR कोड लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीणजन सीधे योजना से संबंधित जानकारी देख सकेंगे।
रोजगार सृजन में मनरेगा बना आधार
खैरागढ़ ब्लॉक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक लगभग 5 लाख मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। पंजीकृत श्रमिकों को नियमित रूप से रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही कार्ययोजनाओं को अन्य अभिशरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से भी क्रियान्वित किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को स्थायी आजीविका के साधन मिल रहे हैं।
QR कोड से मिलेगी हर जानकारी
राज्य कार्यालय मनरेगा परिषद के निर्देश पर पंचायत भवनों और कार्यस्थलों पर लगाए गए QR कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही ग्रामीणजन यह देख सकेंगे कि उनके गांव में योजना के तहत कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हैं, कितनी राशि स्वीकृत हुई है और अब तक कितनी प्रगति हुई है।
पारदर्शिता और विश्वास की ओर कदम
अधिकारियों का कहना है कि यह पहल जनसमुदाय में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। अब गांव का हर व्यक्ति यह जान सकेगा कि मनरेगा की राशि कहां और कैसे खर्च हो रही है।
ग्रामीणों में उत्साह
ग्राम पंचायतों में QR कोड लगाए जाने से ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले योजना की जानकारी सीमित लोगों तक रहती थी, लेकिन अब मोबाइल पर ही सबकुछ स्पष्ट नजर आएगा। इससे भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा।