साल्हेवारा–छुईखदान क्षेत्र खनन गतिविधियों का नया केंद्र: नचनिया, भाजीडोंगरी और जगमड़वा–हनाईबन–मरदकठेरा तीनों ब्लॉकों की नीलामी पूरी

साल्हेवारा–छुईखदान क्षेत्र खनन गतिविधियों का नया केंद्र: नचनिया, भाजीडोंगरी और जगमड़वा–हनाईबन–मरदकठेरा तीनों ब्लॉकों की नीलामी पूरी

00 साल्हेवारा–छुईखदान में तीन बड़े खनिज ब्लॉकों की नीलामी पूरी, कंपनियों को मिले सर्वे अधिकार

रिपोर्टर उमेश्वर वर्मा 

खैरागढ़. साल्हेवारा और छुईखदान तहसील इन दिनों लगातार खनन सुर्खियों में हैं। तीन बड़े खनिज ब्लॉक—नचनिया, भाजीडोंगरी में आयरन और जगमड़वा–हनाईबन–मरदकठेरा चूना पत्थर ब्लॉक—अब आधिकारिक रूप से नीलामी और आवंटन प्रक्रिया के बाद अगली चरण में प्रवेश कर चुके हैं। करोड़ों टन लौह एवं चूना पत्थर भंडारों के कारण यह क्षेत्र अब राज्य के खनिज मानचित्र पर एक प्रमुख औद्योगिक क्लस्टर के रूप में उभर रहा है।

नचनिया आयरन ओर ब्लॉक: 3.93 मिलियन टन भंडार, कंपनी को मिला सर्वे अधिकार

सबसे पहले बात नचनिया आयरन ओर ब्लॉक की। लगभग 200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस ब्लॉक में 3.93 मिलियन टन उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क की पुष्टि हुई है। एमएसटीसी द्वारा इस ब्लॉक की नीलामी 14 जुलाई 2025 को पूरी कर ली गई थी। विभागीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि नचनिया ब्लॉक का सर्वे कार्य सागर स्टोन स्टडी कंपनी को आवंटित किया जा चुका है, जो आगे खनिज मात्रा की पुष्टि के बाद माइनिंग लीज़ के लिए आवेदन कर सकेगी।

भाजीडोंगरी ब्लॉक में 2.07 मिलियन टन आयरन ओर, ALPS को मिला सर्वे अधिकार

वहीं, भाजीडोंगरी आयरन ओर ब्लॉक, जो 392 हेक्टेयर में फैला है, इसमें 2.07 मिलियन टन आयरन ओर का अनुमानित भंडार है, जिसमें 1.15 मिलियन टन उच्च ग्रेड अयस्क शामिल है। इस ब्लॉक की नीलामी 27 अगस्त 2025 को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित की गई थी, जो अब पूरी हो चुकी है। जिला खनिज अधिकारी इंद्रलाल के अनुसार, भाजीडोंगरी ब्लॉक का सर्वे अधिकार एएलपीएस माइनिंग सर्विस को दिया गया है।

सिर्फ सर्वे की अनुमति, खनन नहीं

खान निरीक्षक बबलू पांडे ने दोनों ब्लॉकों की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अभी इन ब्लॉकों में केवल सर्वे की अनुमति दी गई है, खनन की नहीं। उन्होंने बताया, यदि सर्वे में खनन योग्य मात्रा मिलती है तो माइनिंग लीज उसी कंपनी को मिलती है जिसने सर्वे किया है। यहां माइनिंग लीज के लिए अलग से टेंडर नहीं होगा। दोनों ब्लॉक पूरी तरह वन क्षेत्र में स्थित हैं, जिससे पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ और ग्रामसभा की सहमति भविष्य की सबसे बड़ी तयशुदा शर्तें होंगी।

जगमड़वा–हनईबन–मरदकठेरा चूना पत्थर ब्लॉक: 52.74 मिलियन टन का खजाना

अब बात जगमड़वा–हनाईबन–मरदकठेरा चूना पत्थर ब्लॉक की, जो 304.209 हेक्टेयर में फैला छुईखदान का दूसरा सबसे बड़ा खनिज ब्लॉक है। जीएसआई द्वारा जी2 स्तर पर किए गए विस्तृत अध्ययन में यहाँ 52.745 मिलियन टन चूना पत्थर का विशाल भंडार दर्ज किया गया। इस ब्लॉक की नीलामी 9 दिसंबर 2025 की शाम को समाप्त हो चुकी है। जिला खनिज अधिकारी के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि किस कंपनी को ब्लॉक मिला है, लेकिन 15 दिनों के भीतर इसका जानकारी मिल जाएगी।

बिना वनभूमि वाले ब्लॉक में भविष्य के खनन की संभावना मजबूत

इस ब्लॉक में वनभूमि शून्य होने के कारण इसे भविष्य में संचालित करना अपेक्षाकृत आसान माना जा रहा है, हालांकि पर्यावरणीय मंजूरियाँ, खनन योजना और स्थानीय ग्रामसभा की सहमति यहाँ भी अनिवार्य रहेंगी। 64 बोर होल और 45 मीटर मोटी चूना पत्थर परतों ने इसे प्रदेश के प्रमुख चूना पत्थर क्षेत्रों में शामिल कर दिया है।

संडी में श्री सीमेंट विवाद के बीच बढ़ी स्थानीय चिंताएँ

तीनों खनिज ब्लॉकों में तेजी से चल रही गतिविधियों के बीच यह क्षेत्र पहले से ही संडी में प्रस्तावित श्री सीमेंट परियोजना को लेकर विवादों का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीण पर्यावरणीय प्रभाव, जल संकट और विस्थापन को लेकर लगातार चिंता जता रहे हैं। नए खनन ब्लॉकों के सक्रिय होने से इन चिंताओं में और बढ़ोतरी देखी जा रही है।

विशेषज्ञों की राय: बड़ा अवसर, बड़ी चुनौतियाँ

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पर्यावरणीय संतुलन, ग्रामसभा की सहमति और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाता है, तो यह पूरा बेल्ट आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के खनिज उत्पादन में उल्लेखनीय योगदान दे सकता है। फिलहाल, साल्हेवारा–छुईखदान राज्य का सबसे अधिक गतिविधियों वाला खनिज हॉटस्पॉट बन चुका है, जहाँ संभावनाएँ भी हैं और चुनौतियाँ भी।