श्री सीमेंट विवाद : प्रशासन तीन घंटे समझाता रहा, ग्रामीणों ने तीन मिनट में फैसला सुना दिया — 6 को रैली होगी, रास्ता भी हमारा… और ग़लती भी आपकी!

श्री सीमेंट विवाद : प्रशासन तीन घंटे समझाता रहा, ग्रामीणों ने तीन मिनट में फैसला सुना दिया — 6 को रैली होगी, रास्ता भी हमारा… और ग़लती भी आपकी!

खैरागढ़. छुईखदान के एसडीएम कार्यालय में पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन और विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की तीन घंटा लंबी बैठक हुई। बैठक में प्रशासन ने जनप्रतिनिधि को रैली प्रदर्शन को स्थगित करने कहा गया लेकिन ग्रामीण नहीं माने और अंततः प्रशासन को भी झुकना पड़ा और 6 दिसंबर (शनिवार) को आयोजित होने वाले डीह–डोंगरी बचाओ रैली प्रदर्शन का मार्ग, सुरक्षा व जत्थों का प्रबंध और ज्ञापन सौंपने की रणनीति तय की गई। बैठक के समापन में रैली रूट और प्रमुख जिम्मेदारों के नाम अंतिम रूप दे दिये गये।

रैली का मार्ग — बुन्देली से छुईखदान तक और पंडारिया में सभा

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार प्रदर्शन बुन्देली होकर उदयपुर होते हुए छुईखदान पहुँचेगा जहाँ प्रतिनिधि एसडीएम को जनसुनवाई रद्द करने का ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन सौंपने के बाद रैली कुकरमुड़ा होते हुए पंडारिया पहुँचेगी, जहाँ पर एक बड़ा सार्वजनिक सभा आयोजन किया गया है। वहीं कुछ चयनित प्रतिनिधि कलेक्टर कार्यालय जाकर भी ज्ञापन सौंपेंगे।

नेताओं की अगुआई — पुराने एवं प्रभावशाली चेहरे शामिल

रैली की अगुवाई के लिये पूर्व विधायक गिरवर जंघेल, जनपद सभापति सुधीर गोलछा, मोतीलाल जंघेल, श्रवण जंघेल, कामदेव वर्मा, मुकेश पटेल, लोकेश्वरी जंघेल, डॉ. नेतराम जंघेल, प्रेमलाल जंघेल, बलराम जंघेल, रमेश जंघेल, दीना जंघेल व डोमार जंघेल जैसे कई वरिष्ठ नेता बैठक में मौजूद रहे और वही लोग रैली का नेतृत्व कर रहे हैं। ग्रामीण नेताओं ने कहा कि यह शांतिपूर्ण परन्तु निर्णायक प्रदर्शन होगा।

सुदेश टीकम की भागीदारी से रैली को मजबूती मिलने की उम्मीद 

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि किसान नेता के रूप में चर्चित सुदेश टीकम अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ रैली में शामिल होंगे, जिससे प्रदर्शन में भारी संख्या में किसान जुटने की सम्भावना है। आयोजकों का दावा है कि रैली में हजारों क्षेत्रवासी भाग लेंगे और जनसुनवाई रद्द करने की मांग को जोरदार स्वर दिया जायेगा।

सुरक्षा और प्रशासनिक मौजूदगी — पुलिस की तैयारी जारी

बैठक में जिला एसपी, एसडीएम, तहसीलदार और छुईखदान थाना प्रभारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन ने बड़ी संख्या में शांतिपूर्ण प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं और मार्ग पर ट्रैफिक व सुरक्षा के समुचित प्रबंध का आश्वासन दिया गया। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने की बात कही गयी।

किसान-नागरिकों की मांगें और रणनीति स्पष्ट

बैठक में शामिल जनप्रतिनिधियों व ग्राम प्रतिनिधियों ने दोहराया कि उनका एकमात्र उद्देश्य क्षेत्रवासियों की आजीविका, जल व कृषि सुरक्षा सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि 11 दिसंबर की जनसुनवाई बिना ग्रामीणों की वास्तविक भागीदारी व हिंदी में संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराये नहीं हो सकती। इसलिए रैली के माध्यम से प्रशासन पर दबाव बनाया जाएगा।

नीलामी की खबर ने विवाद को और भरा — नया चिंतनीय मोड़

विवाद के बीच सरकार ने चुना पत्थर की नीलामी प्रक्रिया भी जारी कर दी है। हनईबन, मरदकटेरा व जगमड़वा क्षेत्रों के लिए नीलामी 10 नवम्बर 2025 को सुबह 11:00 बजे से प्रारम्भ होकर 09 दिसंबर 2025 शाम 5:00 बजे तक चलेगी। इस नीलामी की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में और अधिक आक्रोश बढ़ा है क्योंकि इससे परियोजना की संभावित गति तेज होने का भय है।

अब फैसला प्रशासन का — शांति बनाम संघर्ष की कड़ी परीक्षा

क्षेत्र में फिलहाल तनाव के साथ-साथ संगठित संघर्ष की तैयारी स्पष्ट दिख रही है। सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के समन्वित समर्थन और नीलामी जैसी सरकारी कार्रवाइयों के बीच अब यह देखना होगा कि प्रशासन किस प्रकार ग्रामीणों की मांगों का समाधान करता है — शांतिपूर्ण वार्तालाप के जरिए विलापनीय समाधान निकलेगा या संघर्ष और तेज होगा।