मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान पर उठे सवाल: 115 जरूरतमंदों को 10 लाख, सूची में भाजपा पदाधिकारियों–रिश्तेदारों के नाम होने से मचा सियासी बवाल

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान पर उठे सवाल: 115 जरूरतमंदों को 10 लाख, सूची में भाजपा पदाधिकारियों–रिश्तेदारों के नाम होने से मचा सियासी बवाल

खैरागढ़. मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद के तहत केसीजी जिले में जून माह के दौरान कुल 115 जरूरतमंद व्यक्तियों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने का दावा किया गया है। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार यह राशि गरीब, दिव्यांगजन, गंभीर बीमारियों से पीड़ित, निराश्रित महिलाओं, बच्चों की शिक्षा तथा स्वरोजगार जैसी आवश्यकताओं के लिए मुख्यमंत्री द्वारा सीधे स्वीकृत की जाती है। इस क्रम में छुईखदान ब्लॉक के 45 हितग्राहियों को 2.60 लाख रुपये और खैरागढ़ ब्लॉक के 70 हितग्राहियों को 7.40 लाख रुपये चेक के माध्यम से भुगतान किया गया।

हालांकि, चेक वितरण की सूची सामने आते ही विवाद शुरू हो गया है। आरोप लग रहे हैं कि सूची में बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल हैं, जो कथित तौर पर जरूरतमंद नहीं हैं, बल्कि भाजपा के पदाधिकारी, पूर्व पदाधिकारी या उनके करीबी रिश्तेदार हैं। स्थानीय नागरिकों और विपक्ष का कहना है कि कई लाभार्थी आर्थिक रूप से संपन्न हैं, कुछ स्वयं कई लोगों को रोजगार देने की स्थिति में हैं, ऐसे में उन्हें अत्यंत जरूरतमंद की श्रेणी में रखना सवालों के घेरे में है।

कांग्रेस का आरोप—जरूरतमंदों को छोड़ अपने लोगों को फायदा

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्वेच्छानुदान में मैनेजमेंट कर पार्टी कार्यकर्ताओं और उनसे जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाया गया। कांग्रेस का कहना है कि यह राशि जनहित के लिए होती है, न कि राजनीतिक लाभ के लिए।

सूची बनाने पर सवाल

स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि लाभार्थियों की सूची किस प्रक्रिया से और किसके निर्देश पर तैयार हुई। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि सूची भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की सहमति से बनाई गई, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सरकारी प्रावधान क्या कहते हैं

सरकार के स्पष्ट नियमों के अनुसार स्वेच्छानुदान केवल जनहित, चिकित्सा, शिक्षा, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और अत्यंत जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए है। धार्मिक और राजनीतिक संस्थाओं को इससे लाभ देना प्रतिबंधित है। उद्देश्य यही है कि आकस्मिक परिस्थितियों में समाज के सबसे कमजोर वर्ग को तत्काल राहत मिल सके।

क्या पुत्र क्या भाई सब हुए लाभन्वित

वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष पर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए अपने पुत्र मिथलेश को 20 हजार रुपए और नवीन को 15 हजार रुपए का लाभ मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से दिलवाया। लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम टोलागांव निवासी टहलदास साहू को 20 हजार रुपए तथा मेहवरदास साहू को 10 हजार रुपए का स्वेच्छानुदान दिया गया है जो भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष के परिवार वाले बताए जा रहे है । इसी तरह टोलागांव निवासी विष्णु साहू को 50 हजार रुपए मिले हैं, जो वर्तमान में हाई स्कूल जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष होने के साथ भाजपा मंडल के पदाधिकारी भी हैं। बढ़ईटोला निवासी विश्राम वर्मा को 5 हजार रुपए दिए गए हैं, जो पांडादाह मंडल के पूर्व भाजयुमो अध्यक्ष रह चुके हैं। बगदुर निवासी आनंद पटेल को 15 हजार रुपए का लाभ दिया गया है, जो वर्तमान में भाजपा नर्मदा मंडल के अध्यक्ष पद पर हैं। वहीं सिंगारपुर निवासी ललिता मनिकपुरी को 5 हजार रुपए मिले हैं, जो भाजपा नर्मदा मंडल की उपाध्यक्ष हैं, जबकि भदेरा निवासी इंद्राणी वर्मा—भाजपा नर्मदा मंडल महिला मोर्चा अध्यक्ष—को भी 5 हजार रुपए का स्वेच्छानुदान दिया गया है। धौराभाठा निवासी नरेन्द्र वर्मा, जो पूर्व मंडल महामंत्री, पूर्व जनपद प्रतिनिधि और घुटकुरी स्थित बड़े ढाबे के संचालक बताए जाते हैं, उन्हें भी लाभार्थियों की सूची में शामिल किया गया है, जबकि उनकी आर्थिक स्थिति किसी भी तरह से गरीब श्रेणी में नहीं आती।

अनुदान से पदाधिकारी हुए मालामाल 

इसी क्रम में भाजपा युवा नेता भुवन वर्मा (बोईरडीह) को 10 हजार, बल्देवपुर निवासी परस साहू, जो पूर्व भाजपा पांडादाह मंडल पदाधिकारी हैं, को 5 हजार रुपए का भुगतान किया गया है। भरदाकला निवासी परमानंद साहू, पूर्व मंडल महामंत्री और खेती-बाड़ी से संपन्न व्यक्ति, परसबोड़ निवासी कालू साहू—भाजपा ठेलकाडीह मंडल किसान मोर्चा अध्यक्ष—और करेला निवासी कलाराम वर्मा, जो भाजपा पिछड़ा मोर्चा मंडल अध्यक्ष हैं, सभी को 5-5 हजार रुपए का स्वेच्छानुदान मिला है। इसके अलावा तुलसीपुर निवासी महेश पाल, चारभाठा शक्ति केंद्र के सहसंयोजक, मरकामटोला निवासी तामेश्वर देवांगन, जो खेती-बाड़ी से संपन्न बताए जाते हैं, तथा महरूमकला निवासी तेजराम, जो किसान मित्र हैं—इन सभी के नाम भी सूची में शामिल हैं। इनके नाम सामने आने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या असली जरूरतमंदों को वास्तव में स्वेच्छानुदान का लाभ मिल पाया है या नहीं।

अन्य लाभार्थियों की सूची (सरकारी रिकॉर्ड अनुसार)

50- 50 हजार रुपए की सहायता पाने वालों में शरदचंद बोहरे (सिविल लाइन खैरागढ़), मनीष कोसरे (वार्ड 19 खैरागढ़), राजेश कुमार (केकराजबोड़), संतोष वर्मा (खमतराई), यमन कुमार वर्मा (राहुद), दूधनाथ साहू पिता कमल साहू (पेन्डरवानी छुईखदान) और अरुण रजक पिता मनहरण रजक (पेन्डरवानी छुईखदान) शामिल हैं।

20- 20 हजार रुपए की सहायता विनोद सेन (भीमपुरी) और सत्यकला वर्मा (वार्ड 02 खैरागढ़) को दी गई है। वही 15 - 15 हजार रुपए की सहायता पाने वालों में रत्नु रजक (टिकरीपारा छुईखदान) और पूर्णिमा वर्मा (अमलीडीहकला) शामिल हैं।

10- 10 हजार रुपए की सहायता उमेन्द्र साहू, रद्दुराम साहू ( दोनों निवासी बांसभीरा), गोपाल साहू (मंजगांव), पुष्पा सिंह (संडी), कुंभलाल वर्मा (मरूटोला), महेश साहू (साल्हेभर्री), ओमकला रोशनदास (मुंगाटोला), नीलकंठ वर्मा (मारूटोला), भुवन वर्मा (बोईरडीह), प्रवीण कुर्रे (पंचपेड़ी), लोकेश कुमार (जगरन्नाथपुर), हरीश साहू (तिलाईभाठ) और दिलीप साहू (चारभाठा विचारपुर) को दी गई है।

5-5 हजार की आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाले हितग्राही में शिवकुमार वर्मा (पदमावतीपुर), मनीराम वर्मा (पदमावतीपुर), धनीराम साहू (सिलपट्टी), मकसूदन साहू (कोहलाटोला), मनहरण साहू (तेंदुभाठा), संतुराम (खुडमुडी), गौतम साहू (तेंदुभाठा), कमल मेरावी (सरईपतेरा), सकून यादव (खादी), नान्हे पटेल (बकरकट्टा), सरिता साहू (सरईपतेरा), पुना बाई (खादी), मैनेजर यादव (राजाबर), पीलाबाई सोनी (खादी), संतोष यादव (गेरुखदान), नीलम यादव (रामपुर), संजय श्रीवास्तव (बांसभीरा), बीरसिंग सोरी (बांसभीरा), जशवंत पटेल (समनापुर), विक्की साहू (गोकना), हर्षवर्धन वर्मा (वार्ड 2 पिपरिया), पुरषोत्तम बोरीकर (नचनिया), आशा साहू (भुरभुसी), कमलेश (भुरभुसी), कैलाश धनकर (कृतबांस), सुखराजी निर्मलकर (इरीमकसा), दुर्गेश वर्मा (ठंड़ार), रामप्रसाद यादव (सिंगारपुर), राजू जंघेल (पैलीमेटा), इन्द्राणी वर्मा (भदेरा), आशोक जंघेल (बुन्देली), रामगुलाल रजक (ठाकुरटोला), दिनेश साहू (अचानकपुर), कन्हैया पटेल (जीराटोला), ललिता मनिकपुरी (सिंगारपुर), महतरिन जगतार (वार्ड 07 गंडई), रामबाई मिलाप निषाद (वार्ड 06 गंडई), नीतू हेमंत सेन (वार्ड 09 गंडई), तखत राम मरकाम (वार्ड 11 गंडई), शेख मोहम्मद मीन (वार्ड 09 गंडई), ईश्वर पवार (गंडई), नेगी राम बंसोड़ (पांडादाह), गुलाब कुंभकार (पांडादाह), छगनलाल वर्मा (विकमपुर), सुकीत वर्मा (देवरी), घनश्याम वर्मा (बैहाटोला), बद्रीप्रसाद साहू (कोहकाबोड़), प्रेमलाल वर्मा (गहिराटोला), रामकुमार मेश्राम (कुरूभाट), नरेन्द्र वर्मा (घौराभांठा), सुर्याकुमार छा (गातापार जंगल), हरिराम साहू (मुढ़ीपार), रामकुमार वर्मा (मारूटोला), खिलेश वर्मा (बोइरडीह), नंदनी बंजारे (प्रकाशपुर), यशोदा साहू (प्रकाशपुर), बीरबल साहू (टोलागांव), कलाराम वर्मा (करेला), पिताम्बर साहू (मदनपुर), नीलकंठ सिन्हा (अतरिया), सतेन्द्र वर्मा (भोरमपुर), नीरा वर्मा (अतारिया बाजार), रामसिंग यादव (भीमपुरी), तामेश्वर (भोरमपुर), गौतम वर्मा (भीमपुरी), तेजराम (अमलीडीहीकला), कामदेव वर्मा (अमलीडीहकला), संतोष वर्मा (टेकापार), गोपाल वर्मा (वार्ड 02 पिपरिया), अजय वर्मा (वार्ड 02 पिपरिया), कुंती यादव (गंजीपारा), गोपाल साहू (सोनभठ्ठा), अवधेश वर्मा (कुलीकसा), मानिक टंडन (देवरी), नरेन्द्र वर्मा (खजरी), उमेश (खजरी), सुर्यदमन सिंह (खैरागढ़), जयामल (दाउचौरा), कौसल कोसरे (भरदाकला), संदीप वैष्णव (खैरागढ़), अनुज देवांगन (खैरागढ़), श्रेयांश चंदेल (खैरागढ़) शामिल है जिसमें से अधिकतर भाजपा पार्टी से जुड़ी हुई है।

जरूरतमंदों को ही दिया गया है स्वेच्छानुदान - बिसेसर साहू 

मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान वितरण को लेकर उठ रहे आरोपों के बीच भाजपा जिला अध्यक्ष बिसेसर साहू ने फोन पर हुई बातचीत के माध्यम से अपना आधिकारिक पक्ष स्पष्ट किया है। जिला अध्यक्ष ने कहा कि स्वेच्छानुदान को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह राजनीतिक और निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन-जिन स्थानों पर स्वेच्छानुदान दिया गया है, वहां वास्तविक जरूरतमंदों को ही सहायता प्रदान की गई है। विशेष रूप से बड़ी राशि उन लोगों को दी गई है, जो गंभीर बीमारी या विशेष परिस्थितियों से जूझ रहे हैं और जिन्हें तत्काल सहयोग की आवश्यकता थी।

अपने पुत्रों को लाभ दिलाने के आरोपों पर भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र वर्तमान में पढ़ाई कर रहे हैं और शिक्षा संबंधी सहयोग के लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया था, उसी आधार पर स्वेच्छानुदान स्वीकृत हुआ है। जिला अध्यक्ष ने यह भी कहा कि स्वेच्छानुदान कोई नई या असामान्य प्रक्रिया नहीं है—पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भी जरूरतमंदों को इसी प्रकार सहायता दी जाती रही है। उन्होंने दोहराया कि स्वेच्छानुदान का उद्देश्य केवल जरूरतमंदों की मदद करना है, न कि किसी को अनुचित लाभ पहुंचाना, और कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों में कोई दम नहीं है।