मुख्यमंत्री के दामाद टीएस सिंह कँवर ने वृद्धा आश्रम में बुजुर्गों के बीच मनाया जन्मदिन — बोले वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं
खैरागढ़. संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों की मिसाल पेश करते हुए मुख्यमंत्री के दामाद एवं छत्तीसगढ़ मीडिया एसोसिएशन के संरक्षक टी.एस. सिंह कँवर ने अपना जन्मदिन किसी भव्य आयोजन या होटल में नहीं, बल्कि दुर्ग स्थित वृद्धा आश्रम, पुलगांव चौक में रह रहे बुजुर्गों के बीच मनाया। इस भावनात्मक पहल ने हर किसी का दिल जीत लिया।
बुजुर्गों को शाल ओढ़ाकर किया सम्मान, साझा किया स्नेह
कार्यक्रम की शुरुआत में आश्रम प्रबंधन और छत्तीसगढ़ मीडिया एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कँवर का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने बुजुर्गों की उपस्थिति में केक काटकर जन्मदिन का उत्सव मनाया। इस अवसर पर कँवर ने आश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया और अल्पाहार वितरण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूरा वातावरण मानवीय संवेदना और आत्मीयता से भर गया। बुजुर्गों ने भी अपने स्नेह और आशीर्वाद से श्री कँवर को भावविभोर कर दिया। कई वृद्धजनों ने कहा कि आज ऐसा लगा जैसे हमारा अपना बेटा हमसे मिलने आया है।
“वृद्धजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं” — टी.एस. सिंह कँवर
इस अवसर पर कँवर ने कहा कि वृद्धजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी देखभाल और सम्मान करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। आज का दिन मेरे लिए तब सार्थक होता है, जब मैं उनके बीच रहकर स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त करता हूं। समाज में सेवा और संवेदना की भावना को बढ़ावा देना ही सच्ची मानवता है।
उन्होंने कहा कि वृद्धजनों का आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। समाज में यदि हर व्यक्ति अपने माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना रखे, तो मानवता स्वतः सशक्त बन जाएगी।
मीडिया एसोसिएशन की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मीडिया एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश रात्रे, संभाग अध्यक्ष गोपी वर्मा, संभाग सचिव उमेश कोठले, दुर्ग जिला अध्यक्ष अभिषेक साहू सहित पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन संभाग अध्यक्ष गोपी वर्मा ने किया।
आश्रम के संचालकों ने कहा कि कँवर की यह पहल न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि समाज को यह संदेश देती है कि जीवन के वास्तविक आनंद का स्रोत दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाना है।
बुजुर्गों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
कार्यक्रम के अंत में आश्रम में रह रहे सभी वृद्धजनों ने कँवर को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। आश्रम परिसर में उस क्षण का दृश्य बेहद भावनात्मक रहा, जब श्री कँवर ने एक-एक बुजुर्ग के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया।