शिक्षक प्रकरण पर ग्रामवासियों का बड़ा आरोप, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पर जांच की मांग
राजनांदगांव. विकासखंड शिक्षा अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए ग्राम मोहबा के ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को पत्र भेजकर कठोर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राथमिक शाला मोहबा में पदस्थ प्रधान पाठक नेतराम वर्मा द्वारा मासूम छात्रों के साथ अश्लील हरकतें और बैड टच जैसी घटनाएं की गईं। इसकी जानकारी ग्रामीणों और पालकों ने 7 अगस्त 2025 को संबंधित अधिकारियों को दी थी।
शिक्षक ने पहले ही दी थी सूचना
ग्रामीणों का कहना है कि वहां पदस्थ सहायक शिक्षक डिसम प्रसाद तिवारी ने घटना की जानकारी 2 अगस्त 2025 को ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी को दे दी थी। इसके बावजूद कार्रवाई करने की बजाय शिक्षा अधिकारी ने आरोपी शिक्षक को संरक्षण दिया और मामले को दबाने का प्रयास किया।
शिकायतकर्ता शिक्षक पर हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उल्टे शिकायत करने वाले शिक्षक डिसम प्रसाद तिवारी को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निलंबित कर दिया गया। यह निर्णय शिक्षा अधिकारी की विफलता छुपाने के उद्देश्य से लिया गया, जो पूरी तरह संदिग्ध है और इसकी जांच होनी चाहिए।
कलेक्टर के आश्वासन के बाद भी बहाली अटकी
ग्रामवासियों ने बताया कि कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी ने 25 अगस्त तक निलंबित शिक्षक की बहाली का आश्वासन दिया था। लेकिन विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जानबूझकर प्रतिवेदन टालमटोल किया जा रहा है। यह रवैया अधिकारियों के निर्देशों की अवमानना है और संदेह को जन्म देता है।
कठोर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने विधानसभा अध्यक्ष से गुहार लगाते हुए कहा कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा गंभीर कृत्य को संरक्षण देना, शिकायतकर्ता को दंडित करना और उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवमानना करना घोर निंदनीय है। अतः उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।