वायरल मैसेज से मचा बवाल: सतनामी समाज ने जीवन देवांगन पर की कड़ी कार्रवाई की मांग
खैरागढ़. जिला पंचायत सभापति भुवनेश्वरी देवांगन के पति जीवन देवांगन पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कथित 30 हजार रुपए अवैध वसूली के मामले के बाद अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। खबर के प्रकाशित होते ही और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जीवन देवांगन द्वारा व्हाट्सऐप ग्रुप में किया गया एक मैसेज मामला और गर्मा गया। मैसेज में लिखे गए शब्दों को सतनामी समाज ने अपने धर्मगुरु एवं कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब का अपमान बताया है, जिसके बाद समाज ने एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है।
मामला उस समय और उभरा जब जीवन देवांगन ने भाजपा मंडल ठेलकाडीह व्हाट्सऐप ग्रुप में दोनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इधर-उधर की बातें न करने, सूचना के अधिकार का जवाब देने और गरीब बच्चों के भोजन को छिनने का आरोप लगाते हुए कड़ा संदेश लिखा। विवाद की असली शुरुआत गुरु घंटाल शब्द के इस्तेमाल से हुई, जिसे समाज ने मंत्री खुशवंत साहेब के लिए कहा गया मानकर इसे सीधा-सीधा धार्मिक और सामाजिक भावनाओं पर प्रहार बताया। कार्यकर्ताओं पर प्रपंच रचने के आरोप लगाते हुए लिखे गए इस संदेश को बाद में ग्रुप से डिलीट कर दिया गया, लेकिन उसका मैसेज वायरल हो गया।
सतनामी समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि गुरु घंटाल जैसे अभद्र शब्द का उपयोग उनके धर्मगुरु और समाज के सर्वोच्च आध्यात्मिक नेता के लिए किया गया है, जिससे पूरा समाज आहत और अपमानित महसूस कर रहा है। समाज ने यह भी आरोप लगाया कि जीवन देवांगन लगातार विवादों में रहा है और कई मामलों में आरोपी रह चुका है, ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पहले से ही प्रताड़ना और अवैध मांग की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिससे पूरा प्रकरण गंभीर होता जा रहा है।
उधर, ठेलकाडीह थाना प्रभारी और एसपी कार्यालय ने पुष्टि की है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की शिकायत की जांच पहले से जारी है और मंत्री कार्यालय से भेजी गई फाइल के आधार पर दो लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अब सतनामी समाज के नए आरोपों और वायरल मैसेज के आधार पर प्रकरण में एक और पहलू जुड़ गया है, जिसे पुलिस ने गंभीरता से लेने का संकेत दिया है। लगातार बढ़ते विवाद और सोशल मीडिया की गर्माहट के बीच यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों मोर्चों पर सुर्खियों में बना हुआ है।