पी.एम. स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय डोंगरगढ़ में आदर्श युवा ग्रामसभा का सफल आयोजन

पी.एम. स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय डोंगरगढ़ में आदर्श युवा ग्रामसभा का सफल आयोजन

युवा नेतृत्व, ग्राम विकास और जागरूकता का मिला संगम

खैरागढ़. पी.एम. स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय, डोंगरगढ़ में मंगलवार को आदर्श युवा ग्रामसभा का उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। ग्राम विकास की वास्तविक प्रक्रिया को समझाने और छात्रों में नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस ग्रामसभा में छात्रों ने ग्राम पंचायत की भूमिकाएँ निभाकर न केवल जनभागीदारी का परिचय दिया, बल्कि ग्राम प्रशासन की कार्यप्रणाली का व्यवहारिक अनुभव भी प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा ईशा जनबंधु ने किया।

ग्रामसभा में छात्रों ने सरपंच, सचिव, पंच, कृषि विस्तार अधिकारी, बैंक मैनेजर, एसडीओ बिजली विभाग, डॉक्टर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित सभी पदों की जिम्मेदारी कुशलता से निभाई। सरपंच की भूमिका संदीप कंवर ने, जबकि सचिव की भूमिका दिव्यांशी देवांगन ने संभाली। पंच के रूप में अपराजित शिव, तोड़ेलाल, सोनल, मानसी, माधुरी, यशश्री सहित कई छात्र सक्रिय रहे। अन्य भूमिकाओं में प्रधानाचार्य—विजय वर्मा, कृषि विस्तार अधिकारी—हिमांशु वैष्णव, बैंक मैनेजर—समीर नेताम, थानेदार—मोनेश, एसडीओ बिजली विभाग—आकृति वैष्णव, डॉक्टर—दीपिका साहू और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता—आस्था वर्मा शामिल रहीं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुधीर जैन (पूर्व छात्र, राष्ट्रपति सम्मानित सर्वश्रेष्ठ सरपंच, वर्तमान जनपद सदस्य एवं सभापति), भीष्म ठाकुर (अध्यक्ष, पटवारी संघ) तथा घनश्याम जोशी शामिल रहे। अतिथियों का विद्यालय प्राचार्य एस. के. सिंह द्वारा शाल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ से सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।

इतिहास के शिक्षक ओम प्रकाश चौरसिया ने ग्रामसभा के उद्देश्य बताए, जिसके पश्चात मुख्य अतिथि सुधीर जैन ने ग्राम पंचायत की बैठक प्रक्रिया का वास्तविक परिचय देते हुए एजेंडा आधारित चर्चा की शुरुआत कराई। छात्रों ने शिक्षा सुधार, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएँ, नशामुक्ति अभियान, कौशल विकास, सड़क एवं बिजली व्यवस्था, और सिंचाई तंत्र जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी समस्याएँ और सुझाव प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किए।

मुख्य अतिथियों ने छात्रों के उत्साह की प्रशंसा करते हुए कहा कि ग्राम विकास का आधार युवा हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी युवा ग्रामसभाएँ छात्र नेतृत्व को बढ़ावा देती हैं और निर्णय प्रक्रिया में युवाओं की सहभागिता को मजबूत करती हैं।

विद्यालय प्राचार्य एस. के. सिंह ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि युवा सिर्फ भविष्य नहीं, वे वर्तमान की शक्ति हैं। युवा ग्रामसभा छात्रों को नेतृत्व, जिम्मेदारी और समाज सेवा की दिशा में आगे बढ़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करती है।

कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं—सुनील कुमार वर्मा, राजेश सावरकर, कृष्ण कुमार चौरसिया, रोशन सुनील कुमार, अनिल पाल, स्नेह अग्रवाल, जानकी उईके, उमा धुर्वे, अर्चना झोड़ापे, कंचन राठौर, सचिन पटवा, वेंकटेश्वरलु, भास्कर राव, मनोज कुजूर, कमलदास मच्छिरके तथा अन्य स्टाफ—का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

समापन में कार्यक्रम संयोजक ओम प्रकाश चौरसिया एवं दीपचंद्र चौरसिया ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।