शहर अंधेरे में डूबा, अपराधियों को मिल रहा संरक्षण – मनराखन देवांगन का आरोप

शहर अंधेरे में डूबा, अपराधियों को मिल रहा संरक्षण – मनराखन देवांगन का आरोप

खैरागढ़. शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर रविवार देर रात शुरू हुआ विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। मिशन संडे के संयोजक मनराखन देवांगन ने नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शहर को जानबूझकर अंधेरे में डुबो दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि दाऊचौरा, कलेक्टर ऑफिस, राजफैमिली गंजीपारा चौक, ठाकुरपारा, शीतला मंदिर, बरेठपारा, दंतेश्वरी मंदिर, जयस्तंभ चौक, कुशियारी चौक समेत दर्जनों इलाकों की स्ट्रीट लाइटें बंद पाई गईं।

देवांगन ने आरोप लगाया कि 19 लाख की लागत से लगाए गए हाईमास्ट लाइट भी बेकार पड़े हैं और इससे अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने सीधे तौर पर पालिका अध्यक्ष गिरिजा चंद्राकर पर निशाना साधते हुए कहा कि लाइट लगाने का ठेका उनके भतीजे को दिया गया, जिन पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। उन्होंने गणेशोत्सव जैसे पर्व में अंधेरे का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। साथ ही प्रशासन को एक माह का अल्टीमेटम देते हुए चेताया कि यदि लाइट व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो मिशन संडे आंदोलन की राह पर उतरेगा।

देवांगन के साथ निरीक्षण में अरुण भारद्वाज, नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन, रविंद्र सिंह गहेरवार, पुरन सारथी, भरत चंद्राकर, शेखर दास वैष्णव, गिरधर सिंह राजपूत, महेश यादव, भूपेंद्र वर्मा, सूर्यकांत यादव, यतेंद्र जीत सिंह, राजा सोलंकी, रत्नेश सारथी और हरिदर्शन ढीमर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

पालिका अध्यक्ष का पलटवार

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर पालिका अध्यक्ष गिरिजा चंद्राकर ने कहा कि नगर की सभी लाइटें चालू हैं। यदि कुछ बंद होती हैं तो उन्हें तुरंत सुधारने के निर्देश दिए जाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में खराबी होना सामान्य बात है, इसे भ्रष्टाचार बताना गलत है।

अपने भतीजे को ठेका देने के आरोप को उन्होंने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि काम ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया से हुआ है। इसमें कई ठेकेदारों ने भाग लिया था और सबसे कम दर पर बोली लगाने वाले को ही काम मिला। यह कहना कि रिश्तेदारी के कारण ठेका मिला, पूरी तरह बेबुनियाद है।

गिरिजा चंद्राकर ने दो टूक कहा कि मनराखन देवांगन को पहले टेंडर प्रक्रिया और नियमों की सही जानकारी लेनी चाहिए। जनता को गुमराह करने के बजाय विकास कार्यों में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे इस समय बाहर हैं, लेकिन लौटते ही खुद स्थिति की समीक्षा करेंगी और जहां जरूरत होगी, तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।