अग्रिम ज़मानत अर्जी खारिज: जीवन देवांगन की मुश्किलें बढ़ीं, हाई कोर्ट की शरण लेनी होगी

अग्रिम ज़मानत अर्जी खारिज: जीवन देवांगन की मुश्किलें बढ़ीं, हाई कोर्ट की शरण लेनी होगी

खैरागढ़. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कथित अवैध वसूली और सतनामी समाज के धर्मगुरु एवं कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप में कथित अमर्यादित शब्द उपयोग करने के विवाद में घिरे भाजपा जिला उपाध्यक्ष जीवन देवांगन को स्थानीय अदालत से बड़ा झटका मिला है। मंगलवार को सेशन कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अदालत के फैसले के बाद देवांगन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं तथा अब उन्हें राहत पाने के लिए हाई कोर्ट की शरण लेनी होगी।

इस बीच, पुलिस अभी तक जीवन देवांगन को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही वह फरार चल रहा है और उसकी खोज में पुलिस की टीमें सक्रिय बताई जा रही हैं।

कोर्ट का फैसला: जमानत याचिका खारिज, समाज में संतोष

सेशन कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान जीवन देवांगन की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। मामले की गंभीरता और समाज में उत्पन्न तनाव को देखते हुए अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया।

सतनामी समाज की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता चन्द्रशेखर यादव ने कोर्ट के फैसले को न्याय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि जीवन देवांगन के वायरल मैसेज में उपयोग किए गए शब्दों ने पूरे समाज की धार्मिक और भावनात्मक भावना को ठेस पहुंचाई है। अधिवक्ता यादव ने कहा कि हम हाई कोर्ट में भी कड़ी आपत्ति प्रस्तुत करेंगे ताकि ऐसे लोगों को समाज में गलत संदेश फैलाने की इजाज़त न मिले। 

आरोपी अब भी फरार, पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

बीएनएस की धारा 299 के तहत मामला दर्ज होने के बाद भी जीवन देवांगन की गिरफ्तारी न होना लगातार सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, समाज के प्रतिनिधि और स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह चर्चा गर्म है कि आरोपी के राजनीतिक रसूख के कारण कार्रवाई धीमी है। सतनामी समाज ने पहले ही एसपी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।

विवाद की जड़: अवैध वसूली और कथित अमर्यादित टिप्पणी

मामले की शुरुआत तब हुई जब दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता—दुलारी बाई और चमेली बघेल—ने जीवन देवांगन पर 30 हजार रुपए की अवैध वसूली और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। मंत्री खुशवंत साहेब के कार्यालय से मामला एसपी कार्यालय पहुंचा और दोनों के बयान दर्ज किए गए।

इसी बीच जीवन देवांगन द्वारा भाजपा मंडल ठेलकाडीह व्हाट्सऐप ग्रुप में लिखा गया संदेश वायरल हो गया। समाज ने गुरु घंटाल जैसे शब्द को मंत्री खुशवंत साहेब का अपमान मानते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। संदेश डिलीट होने के बावजूद उसका स्क्रीनशॉट फैलने से पूरा मामला उग्र हो गया।

राजनीतिक हलचल तेज, मामला हाई कोर्ट की ओर बढ़ा

देवांगन की जमानत याचिका खारिज होने के बाद भाजपा संगठन में भी हलचल तेज है। विपक्ष इस पूरे प्रकरण को समाज दोनों के खिलाफ अपमानजनक बताते हुए सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है।

अब पूरा मामला हाई कोर्ट में जाने की तैयारी में है और सतनामी समाज ने साफ कहा है कि वे उच्च न्यायालय में भी विरोध दर्ज कराएंगे। लगातार बढ़ते विवाद, फरार आरोपी और सामाजिक तनाव के बीच जीवन देवांगन का मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर सुर्खियों में बना हुआ है।

ठेलकाडीही थाना प्रभारी भीम सेन यादव ने बताया कि उसकी पता साजी की जा रही है।जल्द ही गिरफ्तारी संभव है।