संयुक्त जिला कार्यालय परिसर के 100 मीटर दायरे में धरना-प्रदर्शन, रैली और सभा पर प्रतिबंध
00 कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया आदेश
खैरागढ़. जिला खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई के संयुक्त जिला कार्यालय परिसर के आसपास अब धरना-प्रदर्शन, रैली या नारेबाजी करना प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल (आईएएस) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, कार्यालय परिसर से 100 मीटर की परिधि तक का क्षेत्र प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है, जहाँ किसी प्रकार की सार्वजनिक सभा, जुलूस, प्रदर्शन या ध्वनि विस्तारक यंत्र (माइक/लाउडस्पीकर) का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।
कार्यालयीन कार्यों में व्यवधान रोकने का उद्देश्य
कलेक्टर ने आदेश में उल्लेख किया है कि जिला कार्यालय परिसर में खाद्य, समाज कल्याण, श्रम, कृषि जैसे विभिन्न विभागों के कार्यालय संचालित हैं, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में दिव्यांगजन, वृद्धजन और महिलाएँ अपने कार्यों से आती हैं। परिसर में लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शन और रैलियों से आम नागरिकों को असुविधा होती है तथा शासकीय कार्यों में भी बाधा उत्पन्न होती है। इसी कारण प्रशासन ने यह प्रतिबंध आवश्यक समझा है।
जुलूस, नारेबाजी और हथियारों पर भी रोक
कलेक्टर चंद्रवाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति या समूह, चाहे वह अनुज्ञप्तिधारी (लाइसेंसधारी) ही क्यों न हो, किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, विस्फोटक पदार्थ, लाठी, डंडा, भाला, कुल्हाड़ी, फरसा, तीर-धनुष जैसे हथियार लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नहीं चलेगा और न ही किसी सशस्त्र जुलूस में भाग लेगा। प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 188 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
धरना या रैली के लिए अनुमति आवश्यक
यदि कोई संगठन या संघ धरना-प्रदर्शन या रैली आयोजित करना चाहता है तो उसे कम से कम 48 घंटे पूर्व जिला प्रशासन को लिखित आवेदन देना होगा। आवेदन में आयोजन का उद्देश्य, समय, स्थान, अनुमानित भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। अनुमति केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल पर ही दी जाएगी।
प्रतिबंधित क्षेत्र में समूह एकत्र होने पर भी रोक
प्रतिबंधित क्षेत्र में 5 से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर भी रोक लगाई गई है। साथ ही किसी भी व्यक्ति को अस्त्र-शस्त्र या घातक वस्तु लेकर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। केवल ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल इस आदेश से मुक्त रहेंगे।
आदेश 60 दिनों तक प्रभावी
यह आदेश 06 नवम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक, यानी दो माह की अवधि तक प्रभावी रहेगा या जब तक इसे पूर्व में निरस्त नहीं किया जाता। आवश्यकता पड़ने पर इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है।
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इसे जिले के सभी राजनीतिक दलों, संगठनों, संघों तथा आम नागरिकों पर समान रूप से लागू किया जाएगा।