ग्राम दपका में आगजनी : आग ने छीन लिया गरीब का आशियाना, राख में तब्दील हुई जिंदगी की पूंजी
खैरागढ. रविवार की शाम ग्राम दपका में हुई आगजनी की घटना ने एक गरीब परिवार की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। स्व. महेश निषाद की पत्नी आशा निषाद का झोपड़ीनुमा घर अचानक आग की चपेट में आ गया और कुछ ही देर में राख हो गया।
घर से बाहर थी पूरी परिवार
घटना के समय आशा निषाद अपनी दो बेटियों के साथ अपनी मां के घर गई हुई थीं। वहीं उनका बेटा अपने बड़े पापा के घर खेलने गया था। इस बीच अचानक आग भड़क उठी और घर को अपनी लपटों में ले लिया। घर में रखे किताबें, बर्तन, चावल, कपड़े और अन्य घरेलू सामान सबकुछ जल गया।
दो साल पहले पति का निधन, अब बेघर हुई महिला
आशा निषाद के पति महेश निषाद का निधन दो वर्ष पहले ही हो चुका है। पहले ही दुख में डूबी यह महिला अब अपने तीन बच्चों के साथ बेघर हो गई है। उनकी बड़ी बेटी भारती (16 वर्ष), बेटा आकाश (12 वर्ष) और छोटी बेटी पायल (10 वर्ष) हैं। परिवार के पास अब न रहने की छत बची और न ही जीवनयापन का सहारा।
खराब सड़क ने बढ़ाई परेशानी
गांव वालों ने घटना की सूचना फायर ब्रिगेड को दी, लेकिन दपका तक की टूटी-फूटी सड़क और गड्ढों से भरे रास्ते ने दमकल वाहन की रफ्तार रोक दी। करीब आधे घंटे की देरी से दमकल पहुंचा, तब तक घर पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। ग्रामीणों ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि सड़क की बदहाली ही इस तबाही की बड़ी वजह बनी।
ग्रामीणों ने बढ़ाया मदद का हाथ
गांव के लोगों और शिक्षकों ने तत्कालिक मदद के तौर पर 500 रुपये जुटाकर आशा निषाद को दिए। फिलहाल वे अपने जीजा के घर शरण लिए हुए हैं। घटना की जानकारी पुलिस और पटवारी को दे दी गई है।