जागरूक रहना जरूरी, वरना फंस सकते हैं ठगों के जाल में
ठेलकाडीह.आज के दौर में मोबाइल फोन सिर्फ संपर्क का साधन नहीं, बल्कि चलता-फिरता बैंक बन चुका है। एक छोटी-सी असावधानी बैंक खाते को खाली कर सकती है। इसी गंभीर विषय पर बुधवार को जिला साइबर सेल एवं भारतीय रिजर्व बैंक के संयुक्त तत्वावधान में वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राजनांदगांव विकासखंड के बखत रेंगाकठेरा हायर सेकेंडरी स्कूल में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
सोशल मीडिया बना ठगों का ठिकाना
कार्यक्रम में जिला साइबर सेल प्रभारी विनय पम्मार ने छात्रों को बताया कि ठग अब सोशल मीडिया और मोबाइल फोन को ही अपना सबसे बड़ा हथियार बना चुके हैं। वे कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी एटीएम बंद होने का डर दिखाकर, तो कभी किसी योजना का लालच देकर लोगों को जाल में फंसा लेते हैं। कई बार वे कानूनी कार्रवाई का हवाला देकर पैसों की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी स्थिति में डरना नहीं चाहिए, बल्कि तुरंत पुलिस या साइबर सेल को सूचना देनी चाहिए।
शिकायत के लिए है टोल फ्री नंबर 1930
साइबर प्रभारी ने बताया कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो वह सीधे नजदीकी थाने में या फिर टोल फ्री नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकता है। पुलिस तत्काल कार्रवाई कर सकती है, बशर्ते शिकायत समय पर दर्ज हो।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव
वित्तीय साक्षरता प्रभारी तेजस्वी वर्मा ने कहा कि साइबर ठगी से बचने का सबसे अच्छा उपाय है – जागरूकता। यदि हमें यह पता हो कि जालसाज किस-किस तरीके से लोगों को फंसाते हैं, तो हम खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाती है, लेकिन हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह खुद भी सतर्क रहे और दूसरों को भी सतर्क करे।
बड़ी संख्या में छात्र रहे मौजूद
इस मौके पर संस्था के प्राचार्य आर.एस. नरवासे, व्याख्याता सेवकराम साहू, साइबर सेल से जोगेश राठौर सहित शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे मौजूद रहे। बच्चों ने कार्यक्रम से महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं और ठगों से बचने के तरीकों को समझा।