प्रांताध्यक्ष और 33 जिलाध्यक्षों की बर्खास्तगी से भड़के NHM कर्मी, सीएमएचओ को सौंपा सामूहिक इस्तीफा
खैरागढ़. लंबित मांगों को लेकर पिछले 18 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मियों का आंदोलन गुरुवार को और उग्र हो गया। प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे सहित सभी 33 जिलाध्यक्षों की बर्खास्तगी के बाद नाराज़ कर्मियों ने बड़ा कदम उठाते हुए सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया।
रैली से बढ़ा तनाव
गुरुवार दोपहर एनएचएम कर्मचारी धरना स्थल से रैली निकालते हुए नारेबाजी करते हुए जय स्तंभ चौक से सिविल अस्पताल खैरागढ़ पहुंचे। पुलिस पहले से ही तैनात थी और अस्पताल के पिछले गेट को बंद कर दिया गया था। जब कर्मचारी सामने के गेट की ओर बढ़े तो पुलिस ने उसे भी बंद कर दिया। हालांकि कुछ कर्मचारी अंदर घुसने में सफल रहे, लेकिन समझाइश के बाद वे बाहर आ गए।
सीएमएचओ ने स्वीकारा इस्तीफा
मौके पर पहुंचे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने अस्पताल गेट पर ही कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इस्तीफे शासन को भेजे जाएंगे। साथ ही अपील की कि स्वास्थ्य विभाग बेहद संवेदनशील है, इसलिए कर्मचारियों को जनहित में कार्य पर लौटना चाहिए। अंतिम निर्णय शासन का होगा।
वादे पूरे करो, दमन बंद करो
एनएचएम कर्मियों ने कहा कि उनकी लड़ाई केवल जायज मांगों को लेकर है। सरकार ने पहले वादे किए थे, अब हम सिर्फ उन्हें पूरा करने कह रहे हैं। लेकिन मांगें मानने की बजाय सरकार ने दमनकारी नीति अपनाते हुए प्रांताध्यक्ष और सभी जिलाध्यक्षों को बर्खास्त कर दिया। इसी के विरोध में सामूहिक इस्तीफा दिया गया है।
हड़ताल जारी रहेगी
कर्मचारियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी। इस्तीफे के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका और गहरा गई है।