अधिकारी पहुंचे खेत और कृषि केंद्र, लिया दवा का सैंपल – अब रायपुर लैब से आएगी सच्चाई
खैरागढ़. चंदेनी ग्राम पंचायत के अश्रित ग्राम डुंडा के किसान गजेश कुमार वर्मा की बर्बाद हुई धान की फसल के मामले में अब जांच तेज हो गई है। गुरुवार को जिला कीटनाशक निरीक्षक लुकमान साहू सहित कृषि विभाग की टीम गांव पहुंची और खेत का निरीक्षण किया। मौके पर गांव के प्रमुख, ग्रामीण व करीब 25 किसान भी मौजूद रहे। अधिकारी दल ने खेत में प्रभावित धान की फसल का बारीकी से निरीक्षण किया और नुकसान के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया।
फसल में ओवरडोज की आशंका, पर जांच से खुलेगा राज
निरीक्षण के दौरान कीटनाशक निरीक्षक लुकमान साहू ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर फसल में कीटनाशक की ओवरडोज़ की संभावना लग रही है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि अभी यह सिर्फ प्रारंभिक निष्कर्ष है, सटीक कारण प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही बताया जा सकेगा।
अधिकारियों ने कहा कि किसान की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और फसल बर्बादी के वास्तविक कारण की जांच के लिए नमूने रायपुर प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट एक माह में आने की संभावना है, जिसके बाद आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
कृषि केंद्र से मांगी गई दवा की जानकारी
जांच दल खेत निरीक्षण के बाद सीधे अतरिया स्थित पन्ना कृषि केंद्र पहुंचा, जहां से किसान ने दवा खरीदी थी। अधिकारी ने दुकान संचालक से संबंधित दवा की कंपनी, बैच नंबर और बिल की जानकारी मांगी। दुकानदार ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसी दौरान अछोली गांव के एक अन्य किसान भी मौके पर पहुंचे, जिनकी फसल भी पीली पड़ रही थी। उन्होंने भी अपनी समस्या अधिकारियों को बताई और शिकायत दर्ज कराई।
दोनों पक्षों से लिया गया लिखित बयान
निरीक्षक लुकमान साहू ने किसान गजेश वर्मा और दुकान संचालक दोनों से लिखित में अपना-अपना पक्ष देने कहा। अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कृषि केंद्र के पास कंपनी की दवा बेचने के आवश्यक दस्तावेज पाए गए हैं। फिर भी दवा की गुणवत्ता को लेकर संदेह बरकरार है, इसलिए उसका सैंपल रायपुर भेजा गया है।
किसान की पीड़ा – मेरी मेहनत बर्बाद, जिम्मेदार कौन?
जांच दल के सामने ही पीड़ित किसान गजेश वर्मा ने कहा कि दवा कंपनी की गलती हो या दुकानदार की, मेरा तो चार लाख से ज्यादा का नुकसान हो गया। मेहनत, लागत और उम्मीद सब मिट्टी में मिल गई। अब इसका मुआवजा कौन देगा? किसान की बात सुनकर मौके पर मौजूद अन्य किसानों ने भी एक स्वर में कहा कि जिले में नकली या गलत दवाओं का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और विभाग को सख्त कदम उठाने चाहिए।
विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षक लुकमान साहू ने कहा कि हमने पूरी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद अगर दवा में दोष पाया गया तो संबंधित कंपनी और कृषि केंद्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।