पुल में 11 महीने से पैसा काम कर रहा, ठेकेदार नहीं; नाली बनी नहीं, पर पैसा पूरा साफ
00 नाली बनी नहीं, पीडीएस में हेराफेरी—1 करोड़ 8 लाख खर्च का दावा
खैरागढ़. आजादी के 75 साल बाद भी भोथली पंचायत के आश्रित ग्राम टुटागढ़ के 15–20 परिवार सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, जबकि रिकॉर्ड बताते हैं कि साढ़े तीन साल में 1 करोड़ 8 लाख रुपये विकास कार्यों पर खर्च दिखाए गए हैं। लेकिन सबसे जरूरी काम—टुटागढ़ पुल—आज तक शुरू ही नहीं हुआ, जबकि इसके लिए स्वीकृत राशि का 40 प्रतिशत (4 लाख रुपये) जनवरी 2025 में ही निकाल लिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच-सचिव, एजेंसी व ठेकेदार की मिलीभगत से विकास की राशि लूट ली गई और गांव उसी हालत में छोड़ दिया गया।
एलडब्ल्यूई फंड से 16 लाख का पुल—काम शून्य, अग्रिम राशि 11 माह पहले निकाले
टुटागढ़ के ग्रामीण आज भी बीच रास्ते पड़ने वाली उफनती नदी को पार कर अपने गांव जाते हैं। बरसात में कई दिनों तक गांव दुनिया से कट जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार ने एलडब्ल्यूई फंड से करीब 16 लाख रुपये का पुल स्वीकृत किया था। पंचायत ने एजेंसी बनकर करीबी ठेकेदार को 4 लाख रुपये अग्रिम दे दिए, लेकिन 11 महीने बीत गए पर पुल निर्माण शुरू नहीं हुआ। ग्रामीण कहते हैं—“ईंट तक नहीं लाई गई, ठेकेदार पैसा निकालकर गायब है।”
कच्ची सड़क और बौल्डरों का सफर—बच्चों व गर्भवती महिलाओं की जान पर बन आती है
टुटागढ़ जाने का रास्ता कच्चा, ऊबड़-खाबड़ और बड़े-बड़े बौल्डरों से भरा है। बरसात में यह दलदल में बदल जाता है। शिक्षक से लेकर बच्चों तक सभी को रोज इसी खतरनाक पगडंडी से गुजरना पड़ता है। बीमारी, गर्भवती महिलाओं के इलाज, राशन लेने—हर काम जोखिम पर निर्भर है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार नदी पार करने के लिए पानी में उतरना तक पड़ता है।
पीडीएस गड़बड़ी: 3.53 लाख रुपये ऐसे खातों में जिनको ग्रामीणों ने कभी चावल बांटते नहीं देखा
टुटागढ़ पंचायत में पीडीएस वितरण भी सवालों में है। यहां 3 लाख 53 हजार रुपये ऐसे लोगों के खातों में डाले गए हैं, जो गांव में कभी चावल बांटते दिखाई नहीं दिए। भुगतान पाने वालों में गोपेश जंघेल, संतोष जंघेल और कमलेश गात्रे शामिल हैं। जबकि सरपंच देवल सिंह धुर्वे के अनुसार वितरण का काम कोमल मंडावी करते हैं।
नाली निर्माण का फर्जीवाड़ा: 1.58 लाख रुपये की निकासी, पर गांव में नाली का नामोनिशान नहीं
पंचायत के रिकॉर्ड में टूटागढ़ में नाली निर्माण के लिए 1 लाख 58 हजार रुपये खर्च दिखाया गया है, जबकि ग्रामीणों का साफ कहना है—नाली बनी ही नहीं है। वर्तमान सरपंच ने भी स्वीकार किया कि टूटागढ़ में नाली का कोई निर्माण नहीं हुआ। रिकॉर्ड में पूरा काम दिखा देना सीधे-सीधे फर्जी निर्माण का मामला है।
अन्य मदों में लाखों की निकासी—महिला शेड, मंच, मशीन सब बेकार
पंचायत ने महिला शेड पर 2.18 लाख, मिष्ठान पर 76 हजार, वाहन किराया पर 70 हजार, मंच निर्माण पर 2.99 लाख, कंप्यूटर–प्रिंटर सुधार पर 35 हजार, और पैरा कुट्टी मशीन पर 3 लाख रुपये खर्च दिखाए हैं। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि महिला शेड उपयोग में नहीं आता, मशीन कबाड़ की तरह पड़ी है, मंच और मरम्मत के नाम पर भी कोई वास्तविक कार्य नहीं हुआ। पंचायत भवन की मरम्मत के लिए 2.72 लाख रुपये की निकासी भी संदिग्ध बताई जा रही है।
जनपद सीईओ का दावा—दो नोटिस जारी, जल्द शुरू होगा काम
छुईखदान जनपद की सीईओ केश्वरी देवांगन ने कहा कि पुल निर्माण शुरू न करने पर पंचायत व संबंधित लोगों को दो नोटिस जारी किए गए हैं और सरपंच-सचिव को तलब किया गया है। उन्होंने जल्द कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है।