राजनांदगांव झांकी देखने निकले दंपति समेत तीन की दर्दनाक मौत

राजनांदगांव झांकी देखने निकले दंपति समेत तीन की दर्दनाक मौत

सड़क हादसे में परिवार उजड़ गया, तीन मासूमों के सिर से उठी मां-बाप की छाया

खैरागढ़.गणेशोत्सव की रौनक के बीच शनिवार की रात जिले में दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। राजनांदगांव में गणपति झांकी देखने जा रहे बल्देवपुर निवासी दंपति और उनके भांजे की मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही दो लोगों की जान चली गई, जबकि महिला की मौत इलाज के दौरान हुई। हादसे में तीन छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं।

झांकी देखने निकला था पूरा परिवार

जानकारी के मुताबिक बल्देवपुर निवासी रिलेश साहू (31 वर्ष) पिता अर्जुन साहू अपनी पत्नी करिश्मा साहू (28 वर्ष), तीन बच्चों गुंजन (6 वर्ष), अवनी (3 वर्ष), गुड़िया (डेढ़ वर्ष) और भांजे मोहित साहू (13 वर्ष) निवासी गंजी पारा के साथ शनिवार रात बाइक से राजनांदगांव झांकी देखने निकले थे। लगभग 30 किलोमीटर का सफर तय करते समय वे सिंगारपुर पेट्रोल पंप के आगे पहुंचे ही थे कि सामने से आ रहे अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

मौके पर ही खत्म हुई दो की सांसें

भीषण टक्कर में रिलेश साहू और उनका भांजा मोहित साहू मौके पर ही दम तोड़ बैठे। गंभीर रूप से घायल करिश्मा को राहगीरों और पुलिस की मदद से तत्काल राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने काफी मशक्कत के बाद भी उनकी जान नहीं बचा सके। तीनों छोटे बच्चे हादसे में बाल-बाल बच गए, हालांकि वे सदमे में हैं।

पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार अलग-अलग

हादसे में मृत रिलेश साहू और उनके भांजे मोहित का पोस्टमार्टम खैरागढ़ के शव गृह में किया गया, जबकि करिश्मा साहू का पोस्टमार्टम राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में हुआ। इसके बाद शव परिजनों को सौंपे गए।

रिलेश और करिश्मा की दाह संस्कार उनके गांव बल्देवपुर में किया गया। वहीं, मोहित का अंतिम संस्कार खैरागढ़ के मुक्तिधाम में किया गया। बताया गया कि मोहित के पिता बसंत साहू की मृत्यु महज 8 महीने पहले ही हो चुकी थी। अब परिवार को एक और बड़ी त्रासदी का सामना करना पड़ा।

बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे के बाद तीन मासूम बच्चे पूरी तरह अनाथ हो गए हैं। सबसे बड़ी बेटी गुंजन महज 6 साल की है, जबकि छोटी अवनी और गुड़िया अभी इतनी छोटी हैं कि हादसे की गंभीरता को समझ भी नहीं पा रहीं। गांव में हर किसी की आंखें इस परिवार की दुर्दशा देखकर नम हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा केवल एक परिवार नहीं बल्कि पूरे गांव के लिए अपूरणीय क्षति है।

मायके में पसरा सन्नाटा

करिश्मा का मायका राजनांदगांव में ही है। उनकी मौत की खबर जैसे ही मायके वालों को मिली, घर में कोहराम मच गया। परिवारजन इस बात को सहन नहीं कर पा रहे हैं कि त्योहार पर झांकी देखने निकली बेटी अब लौटकर कभी घर नहीं आएगी। रिश्तेदार और पड़ोसी ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन मातम पसरा हुआ है।

पुलिस जांच में जुटी

हादसे के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की। अज्ञात वाहन चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आरोपी वाहन की पहचान की जाएगी।

पूरे इलाके में शोक की लहर

गणेशोत्सव की खुशियां इस दर्दनाक सड़क हादसे ने मातम में बदल दीं। बल्देवपुर और खैरागढ़ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। लोग परिजनों को ढांढस बंधाने गांव पहुंच रहे हैं। हर कोई यही कह रहा है कि तीन मासूमों के सिर से मां-बाप का साया उठ जाना सबसे बड़ी त्रासदी है।