जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई करने, पंचायत संचालनालय को भेजा गया पत्र
खैरागढ़. जनपद पंचायत छुईखदान में 15वें वित्त आयोग की राशि के वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की पुष्टि होने के बावजूद अब तक दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। लेकिन अब जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट, भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन और सभी दस्तावेजों के साथ पंचायत संचालनालय, नवा रायपुर अटल नगर को कार्रवाई के लिए 4 सितंबर को पत्र प्रेषित किया है। पत्र में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
जांच का आधार बना, समाचार पत्र का खुलासा
11 जून 2025 को दैनिक भास्कर, राजनांदगांव संस्करण में “अफसरों, ऑपरेटरों की मिलीभगत से 23 फर्जी भुगतान का मामला उजागर” शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद यह प्रकरण सुर्खियों में आया। इसके आधार पर जिला पंचायत खैरागढ़ ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर मामले की गहन पड़ताल कराई।
जांच में मिली अनियमितताओं की पुष्टि
तीन सदस्यीय समिति और बाद में गठित तकनीकी समिति ने 15वें वित्त की राशि से किए गए 12 कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। जांच में पाया गया कि स्वीकृत राशि ग्राम पंचायतों को देने के बजाय अन्य व्यक्तियों और एजेंसियों के खातों में स्थानांतरित की गई। कुल 12 कार्यों में 10.68 लाख रुपये से अधिक की राशि नियम विरुद्ध भुगतान की गई।
इसमें से 5.73 लाख रुपये का भुगतान पूर्व मुख्य कार्यपालन अधिकारी झूमूक सिंह राजपूत के कार्यकाल में और 5.34 लाख रुपये का भुगतान वर्तमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी रवि कुमार के कार्यकाल में हुआ। कई मामलों में कैशबुक और PFMS रिकॉर्ड में दर्ज राशि और वास्तविक भुगतान राशि में भारी अंतर पाया गया। वाटर फिल्टर, नाली निर्माण, सीसी रोड और शौचालय निर्माण जैसे कार्यों में कम राशि का भुगतान, गलत मूल्यांकन और सूचना पटल सहित सामग्रियों का अभाव भी उजागर हुआ।
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी के साथ एक अधिकारी का DSC उपयोग होना चाहिए था, लेकिन इसके स्थान पर सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी का DSC उपयोग किया गया।
जांच अधिकारियों की रिपोर्ट
सहायक प्रोग्रामर जॉनसन मिंज, जिला अंकेक्षण अधिकारी मोहित राम ध्रुव और सहायक परियोजना अधिकारी प्रकाशचंद तारम की टीम ने प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके आधार पर उच्च स्तरीय तकनीकी समिति गठित कर भौतिक सत्यापन कराया गया।
रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि – राशि का हस्तांतरण ग्राम पंचायतों की जगह अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं के खाते में किया गया, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है। सक्षम अधिकारी का अनुमोदन भी प्राप्त नहीं है।
दोषियों पर कार्रवाई उच्च अधिकारी अपने स्तर पर करेंगे- पटेल
“जनपद पंचायत छुईखदान के 15वें वित्त आयोग से संबंधित प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट, भौतिक सत्यापन प्रतिवेदन और आवश्यक दस्तावेजों को संकलित कर पंचायत संचालनालय, नवा रायपुर अटल नगर को भेज दिया गया है। अब यह प्रकरण उच्च अधिकारी स्तर पर परीक्षणाधीन है। यदि संचालनालय द्वारा अतिरिक्त जानकारी या दस्तावेजों की मांग की जाएगी, तो जिला पंचायत स्तर से वह तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई का निर्णय उच्च अधिकारी अपने स्तर पर करेंगे।”
— प्रेम कुमार पटेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई